गड़चिरोली में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त
जंगल से मशीनें और विस्फोटक सामग्री बरामद

गड़चिरोली, 25 मई 2026। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान में गड़चिरोली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भामरागढ़ तहसील के पोमके-बिनागुंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में हथियार बनाने और उनकी मरम्मत में इस्तेमाल होने वाली कई मशीनें और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत 16 मई को सरेंडर करने वाले नक्सलियों से पूछताछ के दौरान पता चला था कि जंगल में हथियार निर्माण और मरम्मत से जुड़ा सामान छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन में विशेष अभियान दल, प्राणहिता यूनिट और बम खोजी एवं निष्क्रियकरण दस्ते (BDDS) की संयुक्त टीमों को इलाके में रवाना किया गया।
घने जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने लेथ मशीन, बीजीएल पाइप, 12 बोर पाइप, इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरियां, ग्राइंडिंग मशीन, ड्रिलिंग मशीन, जिग सॉ मशीन, प्रेशर पंप और सोलर पैनल समेत बड़ी मात्रा में तकनीकी सामग्री बरामद की। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल नक्सलियों द्वारा हथियार तैयार करने और उनकी मरम्मत के लिए किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां अब लगभग खत्म होने की स्थिति में हैं, लेकिन जंगलों में वर्षों से छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री की तलाश लगातार जारी है। नक्सली संगठन सुरक्षा बलों पर हमले और अन्य हिंसक गतिविधियों के लिए इस तरह के गुप्त नेटवर्क का इस्तेमाल करते रहे हैं।
बरामद सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों के बचे हुए तकनीकी और रसद नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षाबलों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।



