छत्तीसगढ़

VSK ऐप की अनिवार्यता पर हाई कोर्ट सख्त, शिक्षक को मिली अंतरिम राहत

बिलासपुर, 18 फरवरी 2026। उच्च न्यायालय ने VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता शिक्षक को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

बेमेतरा जिले के शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने VSK ऐप को निजी मोबाइल में अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराने के निर्देश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनका तर्क है कि किसी थर्ड पार्टी ऐप को शिक्षकों पर बाध्यकारी रूप से लागू करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। साथ ही, निजी मोबाइल फोन जैसे व्यक्तिगत संसाधनों का शासकीय कार्यों के लिए अनिवार्य उपयोग नहीं कराया जा सकता।

मामले की सुनवाई जस्टिस एनके चंद्रवंशी की एकल पीठ में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

अंतरिम आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता शिक्षक को VSK ऐप डाउनलोड करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और न ही उनके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने स्वयं ही अपने मामले की पैरवी की और शिक्षकों की निजता व अधिकारों से जुड़े मुद्दों को कोर्ट के समक्ष रखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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