विधायक कॉलोनी भाजपा सरकार की योजना, गरीबों को उजाड़ा गया: अकबर
नकटी विवाद पर कांग्रेस का पलटवार

रायपुर, 4 जुलाई 2026। विधायक कॉलोनी के लिए ग्राम नकटी में गरीबों के मकान तोड़े जाने के मामले में पूर्व आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नकटी में विधायक या सांसदों की कॉलोनी बनाने की कोई योजना नहीं थी। उस समय केवल सामान्य आवास योजना के लिए भूमि मांगी गई थी, लेकिन जैसे ही यह जानकारी मिली कि प्रस्तावित जमीन पर गरीब परिवार वर्षों से रह रहे हैं, तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसी भी तरह की बेदखली पर रोक लगाने का निर्णय लिया था।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की योजना केवल कुछ वर्गों के शासकीय कर्मचारियों के लिए सामान्य आवास निर्माण की थी, न कि जनप्रतिनिधियों के लिए विशेष कॉलोनी विकसित करने की। उनका आरोप है कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद इस योजना का स्वरूप बदल दिया गया और सांसदों तथा विधायकों के लिए कॉलोनी बनाने के नाम पर गरीबों के मकान तोड़ दिए गए।
उन्होंने सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान गृह निर्माण मंडल ने 15.47 हेक्टेयर (करीब 38 एकड़) भूमि की मांग की थी। वहीं भाजपा सरकार के कार्यकाल में 25 सितंबर 2024 को गृह निर्माण मंडल के आयुक्त द्वारा भूमि आवंटन संबंधी प्रस्ताव भेजा गया, जिसके बाद 4 अक्टूबर 2024 को सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग की ओर से कलेक्टर रायपुर को भेजे गए पत्र में पहली बार सांसदों और विधायकों के लिए सुविधायुक्त आवासीय कॉलोनी हेतु 29.172 हेक्टेयर (करीब 72 एकड़) भूमि की आवश्यकता बताई गई।
अकबर ने कहा कि इसी पत्र में संबंधित भूमि पर बने कच्चे-पक्के मकानों और अतिक्रमण को हटाकर जल्द से जल्द जमीन गृह निर्माण मंडल को सौंपने के निर्देश भी दिए गए थे। उनके अनुसार इससे स्पष्ट होता है कि गरीबों को हटाने और विधायक कॉलोनी बनाने की पूरी प्रक्रिया भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई।
पूर्व मंत्री ने सरकार से सवाल किया कि राज्य के कुल 106 जनप्रतिनिधियों (90 विधायक, 11 लोकसभा सांसद और 5 राज्यसभा सांसद) के लिए आखिर 72 एकड़ जमीन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि जनप्रतिनिधियों के आवास के नाम पर पहले जमीन खाली कराई जा रही है और बाद में उसके बड़े हिस्से का अन्य या व्यावसायिक उपयोग किया जा सकता है।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि नकटी विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस के जिन विधायकों ने वहां आवास लेने से इनकार किया है, उनका फैसला पूरी तरह उचित है, क्योंकि कांग्रेस सरकार ने कभी भी उस स्थान पर विधायकों या सांसदों की कॉलोनी बनाने की योजना तैयार नहीं की थी।



