छत्तीसगढ़

सर्राफा व्यापारियों का फैसला: हेलमेट-बुर्का पहनकर दुकानों में एंट्री बंद

रायपुर, 14 जनवरी 2026। नवापारा-राजिम में हाल ही में हुई लूट की वारदात के बाद सर्राफा व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता गहराने लगी है। इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने आपात बैठक कर प्रदेशभर में सुरक्षा नियमों को सख्त करने का फैसला लिया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की। बैठक में लूट की घटनाओं पर गंभीर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब किसी भी सर्राफा दुकान में हेलमेट या बुर्का पहनकर आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

एसोसिएशन के अनुसार यह निर्णय सीसीटीवी कैमरों में संदिग्धों की पहचान स्पष्ट रखने और अपराधियों की पहचान में बाधा को खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया है। व्यापारियों का मानना है कि चेहरा ढंककर की जाने वाली एंट्री अपराधियों को आसानी से वारदात को अंजाम देने का मौका देती है।

बैठक में प्रदेश के कई जिलों के प्रमुख सर्राफा व्यापारी और पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें बिलासपुर से प्रकाश गोलचा और पवन अग्रवाल, रायपुर से हर्षवर्धन जैन, प्रदीप घोरपोड़े और संजय कुमार कनुगा, दुर्ग से उत्तम चंद भंडारी, बस्तर से राजू दुग्गड़ और सरगुजा से राजेश सोनी शामिल रहे।

प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सभी सर्राफा व्यापारियों से अपनी दुकानों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल जानकारी पुलिस व एसोसिएशन को देने की अपील की। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की कि सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जाए और नवापारा-राजिम लूटकांड में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।

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